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बड़े शौक से सुन रहा था जमाना, तुम्हीं सो गए दास्तां कहते कहते।।

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Irrfan Khan legend

करीब कुछ सालो पहले एआईबी (आल इंडिया बक*द ) वालो ने इरफान खान के साथ कोलैब किया। एक वीडियो था, जिसमे बॉलीवुड में फैलते पार्टी वाले गाने की धज्जियां उड़ाई थी। इरफान खुश थे वो वीडियो बनाकर। और काम करना चाहते थे ए आई बी वालो के साथ। गुरसिमरन खंबा ने एक वेब सीरीज अनाउंस की, ये वो दौर था जब हमारा देश वेब सीरीज की नसे टटोल रहा था।

इरफान खान का काम पसंद करने वाले लोगों को इस सीरीज से बहुत उम्मीदें थीं। शो का नाम भी रख दिया गया, ‘ गोर्मिंट ‘ बस नाम ही रखा गया। इसके बाद जो हुआ और जो होता चला गया वो बर्दाश्त के काबिल नहीं था। कई महीनों तक जब कोई खबर नहीं आई तो गुरसिमरन खमबा ने ट्वीट कर के कनफर्म किया कि ये शो कैंसल हो गया है, वजह थी इरफान की तबियत। उस वक्त लगा था कि यार सच में तबियत खराब है इरफान की। उस वक्त डर लगा था, पर भरोसा था, कैंसर ही तो है, जीत जाएगा अपना इरफान। फिर इंतेज़ार लंबा होता गया। एक दिन यूटयूब पर एक वीडियो आया,
इरफान की अगली फिल्म अंग्रेजी मीडियम के ट्रेलर अनाउंसमेंट की, मुझे गुस्सा आ रहा है कि आखिर क्यों इरफान की अगली फिल्म इतनी जल्दी आखिरी फिल्म हो गई।


इरफान खान अपनी आवाज में हम लोगो से कुछ कह रहे थे, बता रहे थे कि कितना दर्द कितना तकलीफ झेल रहे है वो, इस तकलीफ में वो प्रमोशन नहीं कर पाएंगे इस फिल्म का। पर उस वीडियो में एक उम्मीद थी कि इरफान अब बेहतर कर रहे है, कुछ दिन में वापस आ जाएंगे,
एक वादा था इरफान की तरफ से कि मै तो लड़ रहा हूं दोस्त, तुम्ही लोग दुआ करो अब।

आज सुबह जब सुना कि इरफान नहीं रहे तो अजीब सा झटका लगा। कोई मौत के इतने पास होकर भी अपने काम को इतनी तसल्ली से कैसे पूरा कर सकता है। वो भी इतनी बखूबी से कि किसी को भनक तक न लगे कि उसके बदन के अंदर क्या चल रहा है। इन आंखों ने इरफान का शुरुआती दौर नहीं देखा है, पर वो दौर देखा है जब इरफान ने अपनी मेहनत के जोर पर बॉलीवुड के गले में अपनी तारीफ डाल दी थी। आज उम्र देखी इरफान की तो मालूम हुआ कि 54 साल के थे,
54 साल कोई छोटी उम्र नहीं होती, इरफान ने शायद ज़िन्दगी में सब कुछ अच्छा बुरा देख लिया होगा।


पर अफसोस, घाटे में तो हम सब आए न, हमारे लिए ये 54 साल कम पड़ गए क्युकी इरफान तो अभी परवान चढ़ना शुरू हुए थे। अभी दस साल ही तो हुए थे इरफान को एक ब्रांड बने हुए। ऐसा ब्रांड जो अच्छी कहानी और अच्छी एक्टिंग का वादा करता हो। ये दौर जो अभी बन रहा है, जिस दौर में अब कंटेंट को अहमियत दी जा रही है, ये दौर इरफान ने अपनी मेहनत से बनाया है।
इरफान की फिल्मों से पहले ये खबरें नहीं आती थी कि इरफान का लुक ऐसा है इस फिल्म में या इरफान की बॉडी ऐसी है फिल्म में।


बस यही खबर काफी होती थी कि इरफान है फिल्म में। मै कितनी फिल्मों के नाम गिनाऊ आपको? कितने किरदारों की याद दिलाऊ? एक्टिंग के खजाने का ऐसा कौनसा हीरा बचा है जिसे इरफान ने अपने ताज में न लगाया हो? हासिल का रणविजय सिंह जो बेचारा होते हुए धीरे धीरे मेन विलेन बन जाता है, या पान सिंह तोमर, जो न तो विलन बनकर भी बेचारा बना रहता है। करीब करीब सिंगल का जोगी, जिसे जिंदगी में बस प्यार की तलाश है, या क्रेजी फोर का वो पागल जिसे लोगो को हसाने के लिए चीखने या दांत फाड़ने की जरूरत नहीं है। मै कितने किरदारों की बात करू? पर फिर भी न, जैसे कम लग रहा है?


ऐसा लग रहा है कि बस कुछ रोल और कर लेते इरफान, पर बात ये है न कि इरफान कुछ रोल और करते तो हम लोगो की प्यास और बढ़ जाती। इरफान पुरानी शराब होते जा रहे थे, नशा भारी हो रहा था उनका। ये जो दुख है न, ये बस टीस है। एक टीस कि अभी इरफान को हमने ढंग से देखा ही कहा था, और ये टीस जिंदगी भर रहेगी। इरफान की यही तो कामयाबी है, उनके घरवाले जब हम लोगो की बाते पढ़ रहें होंगे तो उन्हें न एक सुकून मिल रहा होगा कि वो अकेले नहीं है, ये दुख उनके अकेले का नहीं है, इरफान सिर्फ उनके नहीं थे।
❤️

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